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आवेदन हेतु पहला आह्वान 31 मार्च 2026 को बंद हो गया। आवेदनों का मूल्यांकन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर प्रगति पर है।

BIRAC-RDI कोष - मुख्य पृष्ठ
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RDI कोष के बारे में

अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) कोष ₹1 लाख करोड़ की भारत सरकार की पहल है, जिसका औपचारिक शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 नवंबर 2025 को किया गया, ताकि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप गहन-तकनीकी अनुसंधान, विकास एवं नवाचार को सुदृढ़ किया जा सके। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार तथा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के तत्वावधान में यह कोष पात्र प्रौद्योगिकी संस्थाओं को नवोन्मेषी अनुसंधान एवं विकास तथा परिवर्तनकारी विनिर्माण में सहयोग देकर निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहता है।

समग्र RDI कोष ढाँचे एवं राष्ट्रीय स्तर की घोषणाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी हेतु कृपया ANRF की RDI कोष वेबसाइट देखें: https://rdifund.anrf.gov.in/ (नई विंडो में खुलता है)

BIRAC-RDI कोष

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) जैव प्रौद्योगिकी एवं संबद्ध क्षेत्रों हेतु RDI कोष की क्रियान्वयन भागीदार (द्वितीय-स्तरीय कोष प्रबंधक) है।

स्वास्थ्य सेवा एवं जैव-औषधि
कृषि एवं खाद्य प्रणालियाँ
पर्यावरण एवं जलवायु समाधान
औद्योगिक एवं संश्लेषित जीव विज्ञान
जैव ऊर्जा एवं चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था
एआई एवं मशीन लर्निंग
उभरते अंतर-विषयक क्षेत्र
आयात प्रतिस्थापन
रणनीतिक विनिर्माण

The BIRAC-RDI Fund supports translational projects in biotechnology and related areas that are at Technology Readiness Level (TRL) 4 and above, facilitates the acquisition and development of technologies of critical and strategic importance, and enables access to patient capital for long-gestation R&D, technology scale-up, and innovation-led manufacturing and deployment. This is part of India’s broader efforts to enhance national capabilities in deep technology, promote technological self-reliance, and position India as a global innovation leader.

BIRAC के बारे में

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक गैर-लाभकारी धारा 8 सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जिसका अधिदेश भारत के जैव प्रौद्योगिकी नवाचार तंत्र को सुदृढ़ करना है। वर्ष 2012 से BIRAC ने अनुवादात्मक अनुसंधान, स्टार्टअप एवं उद्योग-प्रेरित अनुसंधान तथा अनुसंधान से स्केल-अप और वास्तविक प्रभाव तक स्वदेशी जैव प्रौद्योगिकी क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रणनीतिक स्तंभ

01

अत्यधिक निष्पादन हेतु जीव विज्ञान का पुनर्संयोजन

02

उद्योग सृजित करने वाले आधारभूत जैव-मंच

03

उच्च मूल्य बौद्धिक संपदा सृजन एवं मानक-निर्धारण

04

नवोन्मेषी स्वदेशी विनिर्माण एवं आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ता

प्रस्ताव मूल्यांकन एवं अनुमोदन ढाँचा

BIRAC–RDI कोष के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन एक संरचित, बहु-स्तरीय प्रक्रिया से किया जाता है, जिसमें पात्रता जाँच, विशेषज्ञ आकलन, सम्यक तत्परता तथा अनुमोदित RDI दिशानिर्देशों के अनुसार नामित समितियों द्वारा अनुमोदन सम्मिलित है।

प्रारंभिक चरण में आवेदनों की जाँच एवं मूल्यांकन निरंतर, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

प्रस्ताव मूल्यांकन ढाँचा

अनुमोदन-पश्चात अनुश्रवण एवं संवितरण प्रणाली

अनुमोदित परियोजनाओं का अनुश्रवण एक संरचित, मील-पत्थर आधारित प्रणाली से किया जाता है। पात्र प्रौद्योगिकी संस्थाएँ अनुमोदित TRL मील-पत्थरों, समय-सीमाओं एवं सह-वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं के अनुरूपता सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर तकनीकी एवं वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत करती हैं। RDI दिशानिर्देशों के अनुसार समिति की संस्तुति पर कोष की किस्तें जारी की जाती हैं।

अनुमोदन-पश्चात अनुश्रवण एवं संवितरण प्रणाली